ग्लूकोमा की आई ड्रॉप्स, ग्लूकोमा के इलाज में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवाएँ हैं। इन्हें आँख के अंदर का दबाव, जिसे इंट्राऑक्यूलर प्रेशर (IOP) कहा जाता है, नियंत्रित करने के लिए दिया जाता है। आँख का बढ़ा हुआ दबाव ग्लूकोमा का मुख्य जोखिम कारण है। इससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुँच सकता है और नज़र हमेशा के लिए कम हो सकती है। ग्लूकोमा की आई ड्रॉप्स या तो आँख के अंदर बनने वाले एक्वस ह्यूमर नाम के तरल पदार्थ की मात्रा कम करती हैं या उसके बाहर निकलने की प्रक्रिया को बढ़ाती हैं।
आईओटिम और ट्रैवाकॉम जैसे जाने-माने ब्रांड अक्सर डॉक्टर द्वारा लिखे जाते हैं, लेकिन आज ग्लूकोमा के लिए कई दूसरी प्रिस्क्रिप्शन आई ड्रॉप्स भी उपलब्ध हैं। मेडिकल क्षेत्र में हुई प्रगति की मदद से डॉक्टर अलग-अलग प्रकार की आई ड्रॉप्स या उनके संयोजन का इस्तेमाल करके मरीज की ज़रूरत के अनुसार इलाज तय कर सकते हैं। इससे ज़्यादातर मरीजों में ग्लूकोमा को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
ग्लूकोमा के इलाज के लिए कई तरह की दवाइयां होती हैं, जो अलग-अलग तरीके से काम करती हैं। मुख्य श्रेणियां इस प्रकार हैं:
जब एक ड्रॉप पर्याप्त न हो, तो डॉक्टर दो दवाओं को एक ही बोतल में मिलाकर दी जाने वाली ड्रॉप्स लिख सकते हैं ताकि मरीज को आसानी हो।
नहीं, ग्लूकोमा आई ड्रॉप्स बीमारी को ठीक नहीं करते। ये केवल आंख का दबाव नियंत्रित करके आगे की दृष्टि हानि को धीमा या रोकते हैं। एक बार ऑप्टिक नर्व को नुकसान हो गया, तो खोई हुई दृष्टि वापस नहीं लाई जा सकती। इसलिए समय पर इलाज और नियमित रूप से ड्रॉप्स डालना बेहद ज़रूरी है।
अधिकांश ग्लूकोमा आई ड्रॉप्स नियमित रूप से उपयोग करने पर बहुत प्रभावी होती हैं। हालांकि, कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जो ड्रॉप्स की कैटेगरी पर निर्भर करते हैं:
डॉक्टर दवा का चयन करते समय असर और साइड इफेक्ट्स के बीच संतुलन बनाए रखते हैं।
हर मरीज के लिए “सबसे अच्छी” ड्रॉप अलग होती है। डॉक्टर इलाज को निम्न बातों के आधार पर पर्सनलाइज़ करते हैं:
महत्वपूर्ण: कभी भी ओवर-द-काउंटर ड्रॉप्स का खुद से उपयोग न करें। केवल डॉक्टर द्वारा लिखी गई प्रिस्क्रिप्शन ड्रॉप्स ही प्रभावी और सुरक्षित होती हैं। गलत दवा का उपयोग ग्लूकोमा को और खराब कर सकता है।
अगर ड्रॉप्स से आंख का दबाव नियंत्रित न हो, तो डॉक्टर निम्न विकल्प सुझा सकते हैं:
ग्लूकोमा ड्रॉप्स की कीमत भारत में अलग-अलग हो सकती है:
लागत ब्रांड, फॉर्मूलेशन और इलाज की अवधि पर निर्भर करती है। चूंकि यह ड्रॉप्स लंबे समय तक चलती हैं, इसलिए affordability और availability का ध्यान डॉक्टर इलाज चुनते समय रखते हैं।
नियमित जांच बहुत ज़रूरी है क्योंकि ग्लूकोमा अक्सर बिना लक्षणों के धीरे-धीरे बढ़ता है।
आई सॉल्यूशन्स में हमारे ग्लूकोमा विशेषज्ञ मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार सबसे सुरक्षित और असरदार इलाज खोजने में मदद करते हैं।
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डीएनबी, एफएईएच (ग्लूकोमा), एफएआईसीओ (ग्लूकोमा), एफआईसीओ (यूके), एफआरसीएस (ग्लासगो)
ग्लूकोमा विशेषज्ञ
मोतियाबिंद विशेषज्ञ
नहीं। ड्रॉप्स आंख का दबाव नियंत्रित करते हैं लेकिन ग्लूकोमा को ठीक नहीं करते। आमतौर पर जीवनभर इलाज की ज़रूरत होती है।
हर मरीज के लिए सबसे सुरक्षित ड्रॉप अलग हो सकती है। आमतौर पर प्रोस्टाग्लैंडिन अनालॉग्स पहले चुने जाते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय उम्र, स्वास्थ्य और अन्य स्थितियों पर निर्भर करता है।
नहीं। केवल डॉक्टर की लिखी हुई प्रिस्क्रिप्शन ड्रॉप्स ही प्रभावी और सुरक्षित होती हैं। ओवर-द-काउंटर ड्रॉप्स इनके विकल्प नहीं हैं।
कुछ ड्रॉप्स से लाली, जलन या रंग बदलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन ये साइड इफेक्ट्स सामान्य होते हैं। ज़रूरत पड़ी तो डॉक्टर दवा बदल सकते हैं।
आंख का दबाव फिर से बढ़ जाएगा, जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान और दृष्टि हानि हो सकती है।
अधिकांश मरीजों को ये ड्रॉप्स जीवनभर इस्तेमाल करनी होती हैं, जब तक कि सर्जरी या लेज़र से इनकी ज़रूरत कम न हो जाए।

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